“दिसंबर 2025 में भारत ने 13.83 लाख टन वनस्पति तेल आयात किया, जो पिछले साल के मुकाबले 8% अधिक है। सोयाबीन तेल का आयात 15% बढ़कर 4 लाख टन पहुंचा, जबकि सूरजमुखी तेल का इंपोर्ट दोगुना होकर 3.5 लाख टन हुआ। नवंबर की गिरावट के बाद यह उछाल घरेलू मांग और वैश्विक कीमतों से प्रभावित है।”
भारत के वनस्पति तेल आयात में दिसंबर 2025 के दौरान सालाना आधार पर 8.37% की वृद्धि दर्ज की गई, जो कुल 13.83 लाख टन पहुंच गया। यह नवंबर 2025 के 11.83 लाख टन से 19% अधिक है, जहां आयात में 28% की गिरावट आई थी। एडिबल और नॉन-एडिबल ऑयल दोनों श्रेणियों में यह बढ़ोतरी देखी गई, मुख्य रूप से सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के कारण।
सोयाबीन तेल का आयात दिसंबर में 4 लाख टन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 15% अधिक है। वैश्विक स्तर पर सोयाबीन उत्पादन में 61.6% हिस्सेदारी के साथ मजबूती ने कीमतों को स्थिर रखा, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देश को फायदा हुआ। इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू खपत में बढ़ोतरी और पाम ऑयल की ऊंची कीमतों ने सोयाबीन तेल की मांग को बढ़ावा दिया।
सूरजमुखी तेल के आयात में सबसे ज्यादा उछाल आया, जो दिसंबर में 3.5 लाख टन पहुंच गया—पिछले साल के मुकाबले दोगुना। यह रिकॉर्ड स्तर है, जो मुख्य रूप से यूक्रेन और रूस से आपूर्ति बढ़ने से संभव हुआ। पाम ऑयल की महंगाई के चलते उपभोक्ता सूरजमुखी तेल की ओर रुख कर रहे हैं, जिसकी कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं।
आयात की मुख्य श्रेणियां और बदलाव:
| तेल का प्रकार | दिसंबर 2025 आयात (लाख टन) | सालाना वृद्धि (%) | नवंबर 2025 से तुलना (%) |
|---|---|---|---|
| सोयाबीन तेल | 4 | 15 | 20 |
| सूरजमुखी तेल | 3.5 | 100 | 40 |
| पाम ऑयल | 5.5 | -5 | 10 |
| कुल एडिबल ऑयल | 12.5 | 10 | 19 |
इस बढ़ोतरी का असर घरेलू बाजार पर पड़ा, जहां खुदरा कीमतें स्थिर रहीं लेकिन थोक स्तर पर 2-3% की कमी आई। 2025-26 ऑयल ईयर के दूसरे महीने में यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है, खासकर अगर वैश्विक ऑयलसीड उत्पादन में मजबूती बनी रही। सोयाबीन आयात की अनुमानित कुल मात्रा 47-49 लाख टन तक पहुंच सकती है, जो पिछले साल से 40% अधिक होगी।
मुख्य कारक:
वैश्विक कीमतें: पाम ऑयल की ऊंची दरों ने वैकल्पिक तेलों की मांग बढ़ाई।
घरेलू मांग: त्योहारों और सर्दियों की वजह से खपत में 10% उछाल।
नीतिगत प्रभाव: आयात शुल्क में बदलाव ने सोयाबीन और सूरजमुखी को प्रोत्साहित किया।
आपूर्ति स्रोत: अर्जेंटीना से सोयाबीन और यूरोप से सूरजमुखी तेल की बढ़ी हुई शिपमेंट।
यह ट्रेंड भारत की एडिबल ऑयल निर्भरता को दर्शाता है, जहां कुल खपत का 60% आयात से पूरा होता है।
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