“भारतीय रुपया ईरानी रियाल से हजारों गुना मजबूत है, जहां महज 826 रुपये से 1 करोड़ रियाल प्राप्त हो सकते हैं। ईरान की मुद्रा पिछले दशकों से कमजोर चल रही है, मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और मुद्रास्फीति के कारण। 2018 से अब तक 90 प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है।”
ईरान की मुद्रा रियाल भारतीय रुपये के मुकाबले इतनी कमजोर है कि छोटी राशि भी वहां बड़ी लगती है। वर्तमान विनिमय दर के अनुसार, 1 भारतीय रुपया लगभग 12,109 ईरानी रियाल के बराबर है। इस हिसाब से, 100 रुपये से 12 लाख से अधिक रियाल मिल जाते हैं, जबकि 826 रुपये से सीधे 1 करोड़ रियाल बनते हैं। यह स्थिति ईरान की आर्थिक चुनौतियों को दर्शाती है, जहां मुद्रा का अवमूल्यन लगातार जारी है।
ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने उसकी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। अमेरिका द्वारा 2018 में परमाणु समझौते से पीछे हटने के बाद से रियाल में 90 प्रतिशत की गिरावट आई है। मुद्रास्फीति की दर ऊंची बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों की क्रय शक्ति कम हुई है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की जीडीपी में 2025 में 1.7 प्रतिशत और 2026 में 2.8 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। दिसंबर 2025 में अनौपचारिक बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल 14 लाख तक पहुंच गया, जो आर्थिक संकट की गहराई दिखाता है।
प्रमुख कारण
प्रतिबंधों का प्रभाव : अमेरिका और अन्य देशों के प्रतिबंधों से निर्यात प्रभावित हुआ, जिससे विदेशी मुद्रा की कमी हुई।
मुद्रास्फीति और अवमूल्यन : उच्च मुद्रास्फीति ने रियाल को कमजोर किया, जबकि सरकारी नीतियां पर्याप्त सुधार नहीं कर पाईं।
आर्थिक संकट : तेल निर्यात पर निर्भरता और वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव ने स्थिति बिगाड़ी।
मनोवैज्ञानिक कारक : बाजार में अनिश्चितता से मुद्रा का मूल्य और गिरा।
विनिमय दरों की तुलनात्मक तालिका
| मुद्रा | 1 INR के बराबर | 1 USD के बराबर | प्रभाव |
|---|---|---|---|
| ईरानी रियाल (IRR) | 12,109 | 500,000+ (अनौपचारिक) | अत्यधिक कमजोर, मुद्रास्फीति से प्रभावित |
| पाकिस्तानी रुपया (PKR) | 3.3 | 278 | मध्यम स्थिरता |
| श्रीलंकाई रुपया (LKR) | 3.5 | 290 | हालिया सुधार |
| नेपाली रुपया (NPR) | 1.6 | 133 | भारतीय रुपये से जुड़ा |
यह तालिका दर्शाती है कि ईरानी रियाल अन्य पड़ोसी मुद्राओं से कहीं अधिक कमजोर है। भारतीय यात्री या निवेशक ईरान में सस्ते में खरीदारी कर सकते हैं, लेकिन स्थानीय अर्थव्यवस्था में जोखिम बने रहते हैं।
ईरान की सरकार मुद्रा स्थिरता के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन प्रतिबंधों के बिना सुधार मुश्किल है। हाल के महीनों में डॉलर के मुकाबले रियाल का रिकॉर्ड निचला स्तर छूना चिंताजनक है। भारतीय दृष्टिकोण से, यह स्थिति विदेशी मुद्रा विनिमय में अवसर प्रदान करती है, लेकिन ईरान की यात्रा के लिए वीजा और सुरक्षा नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।
Disclaimer: यह समाचार विभिन्न रिपोर्टों, टिप्स और स्रोतों पर आधारित है।