8th Pay Commission: कैशलेस मेडिकल, 400 ईएल से लेकर रिटायरमेंट बेनिफिट्स तक – स्टाफ साइड और संगठनों की मीटिंग में क्या हुई अहम बातें?

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th Pay Commission की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्टाफ साइड (NC-JCM) की बैठक में कैशलेस मेडिकल सुविधा का विस्तार, लीव एनकैशमेंट को 300 से बढ़ाकर 400 दिनों तक करने, फिटमेंट फैक्टर 3.0 या उससे अधिक, OPS की बहाली और अन्य मांगों पर जोर दिया गया। सरकार ने सुझावों के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला है, जो 30 अप्रैल 2026 तक सक्रिय रहेगा।

8th Pay Commission: कैशलेस मेडिकल, 400 ईएल से लेकर रिटायरमेंट तक, स्टाफ साइड और संगठन की मीटिंग क्या हुई बात?

8th Central Pay Commission की प्रक्रिया में केंद्रीय कर्मचारियों की मांगें तेजी से सामने आ रही हैं। हाल ही में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और स्टाफ साइड (National Council-Joint Consultative Machinery) की बैठकें हुईं, जहां रिटायरमेंट से जुड़े फायदों पर विशेष फोकस रहा।

मेडिकल सुविधाओं में बड़े बदलाव की मांग कर्मचारी संगठनों ने CGHS (Central Government Health Scheme) को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। गैर-CGHS इलाकों में रहने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) को Rs 1,000 से बढ़ाकर Rs 20,000 प्रति माह करने की मांग उठी है। साथ ही, रिटायरमेंट के बाद दूसरे राज्यों में बसने वाले पेंशनर्स को कैशलेस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है, ताकि उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में भारी खर्च न उठाना पड़े। यह मांग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई कर्मचारी सर्विस के दौरान ट्रांसफर होते हैं और रिटायरमेंट के बाद मूल राज्य लौट जाते हैं, जहां CGHS कवर नहीं होता।

लीव एनकैशमेंट में बढ़ोतरी का प्रस्ताव वर्तमान में रिटायरमेंट पर अधिकतम 300 Earned Leaves (EL) एनकैश की जा सकती हैं। स्टाफ साइड और विभिन्न फेडरेशनों ने इसे 400 दिनों तक बढ़ाने की मांग की है। इससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर अधिक वित्तीय लाभ मिलेगा। कुछ संगठनों ने कैजुअल लीव (CL) को 8 से बढ़ाकर 14 और EL को 30 प्रति वर्ष करने का भी सुझाव दिया है। यह बदलाव कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस और फाइनेंशियल प्लानिंग को मजबूत करेगा।

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रिटायरमेंट बेनिफिट्स और पेंशन संबंधी प्रमुख डिमांड्स

Old Pension Scheme (OPS) की बहाली: कई यूनियंस जैसे AITUC ने NPS के बजाय OPS को फिर से लागू करने की मांग की है।

कम्यूटेड पेंशन की अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष करने का प्रस्ताव। इससे पेंशनर्स को जल्दी फुल पेंशन मिल सकेगी।

फिटमेंट फैक्टर : न्यूनतम 3.0 या 3.25 तक बढ़ाने की मांग प्रमुख है। इससे बेसिक पे में बड़ा उछाल आएगा। कुछ कैलकुलेशन्स में मिनिमम पे Rs 46,000 तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

एनुअल इंक्रीमेंट : 3% से बढ़ाकर 6% या 7% करने का सुझाव।

DA कैलकुलेशन में बदलाव और 50% DA को मर्ज करने की मांग भी चर्चा में रही।

स्टाफ साइड मीटिंग के प्रमुख अपडेट्स फरवरी 2025 में NC-JCM स्टाफ साइड की ड्राफ्टिंग कमिटी की बैठक दिल्ली में हुई, जहां शिव गोपाल मिश्रा के नेतृत्व में मेमोरेंडम तैयार किया गया। इसमें सभी प्रमुख मांगों को शामिल किया गया। 8th Pay Commission ने अभी तक स्टाफ साइड से सीधी मीटिंग नहीं की है, बल्कि वेबसाइट पर 18 प्रश्नावली पोस्ट की हैं, जिनके जवाब 200 शब्दों की सीमा के साथ मांगे गए हैं। स्टाफ साइड ने जल्द मीटिंग की मांग की है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

सुझाव देने के लिए MyGov पोर्टल पर फीडबैक विंडो 16 मार्च 2026 तक खुली थी, जबकि सामान्य सुझाव 30 अप्रैल 2026 तक स्वीकार किए जा रहे हैं। कमीशन को 18 महीने में रिपोर्ट सौंपनी है, जिसके बाद सरकार फैसला लेगी।

संभावित प्रभाव यदि ये मांगें मान्य हुईं तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को रिटायरमेंट पर बेहतर फाइनेंशियल सिक्योरिटी मिलेगी। कैशलेस मेडिकल और बढ़ी हुई लीव एनकैशमेंट स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेंगे। फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी से सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल सकता है।

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Disclaimer: यह खबर विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगों और उपलब्ध अपडेट्स पर आधारित है। अंतिम फैसला 8th Pay Commission की रिपोर्ट और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा।

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