“रिपब्लिक डे पर 26 जनवरी को सभी बैंक बंद रहेंगे, जबकि 27 जनवरी को बैंक यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण पब्लिक सेक्टर बैंक मुख्य रूप से प्रभावित होंगे; हड़ताल का मुख्य कारण 5-डे वर्क वीक की मांग है, जो ग्राहकों की सेवाओं को बाधित कर सकता है, हालांकि प्राइवेट बैंक सामान्य रूप से काम कर सकते हैं।”
रिपब्लिक डे के मौके पर 26 जनवरी को पूरे भारत में बैंक बंद रहते हैं, जो एक राष्ट्रीय अवकाश है। लेकिन 27 जनवरी को बैंक यूनियनों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे कई राज्यों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी। यह हड़ताल United Forum of Bank Unions (UFBU) द्वारा बुलाई गई है, जिसमें AIBEA, AIBOC, NCBE जैसी प्रमुख यूनियन शामिल हैं। हड़ताल का फोकस बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर है, खासकर सैटरडे को भी छुट्टी घोषित करने पर।
हड़ताल की मुख्य वजहें
बैंक यूनियनों का कहना है कि मौजूदा 6-डे वर्क वीक से कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जो उनकी उत्पादकता और वेल-बीइंग को प्रभावित करता है। UFBU के अनुसार, 5-डे वर्क वीक लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस मिलेगा, जो अंततः बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाएगा। इसके अलावा, यूनियन वेतन संशोधन, पेंशन सुधार और रिक्रूटमेंट में देरी जैसी मुद्दों पर भी जोर दे रही हैं। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले 5 वर्षों में बैंक कर्मचारियों की संख्या में 10% की कमी आई है, जबकि ट्रांजेक्शन वॉल्यूम 25% बढ़ा है, जिससे ओवरवर्क की समस्या गंभीर हो गई है।
प्रभावित बैंक और सेवाएं
हड़ताल मुख्य रूप से पब्लिक सेक्टर बैंक को प्रभावित करेगी, जहां यूनियन का मजबूत आधार है। प्राइवेट बैंक जैसे HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank सामान्य रूप से काम कर सकते हैं, लेकिन कुछ ब्रांचेस में स्टाफ की कमी से देरी हो सकती है। डिजिटल सेवाएं जैसे UPI, NEFT और RTGS सामान्य रूप से चलेंगी, लेकिन कैश विड्रॉल और चेक क्लियरेंस जैसी ब्रांच-बेस्ड सेवाएं बाधित होंगी। RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, ATM सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन कैश की कमी की संभावना है।
ग्राहकों पर असर और सलाह
| प्रभावित बैंक श्रेणी | उदाहरण | संभावित असर |
|---|---|---|
| पब्लिक सेक्टर बैंक | State Bank of India (SBI), Punjab National Bank (PNB), Bank of Baroda | अधिकांश ब्रांचेस बंद, केवल इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध |
| प्राइवेट बैंक | HDFC Bank, ICICI Bank | सामान्य ऑपरेशन, लेकिन बढ़ते ट्रैफिक से देरी संभव |
| कोऑपरेटिव बैंक | राज्य-स्तरीय कोऑपरेटिव बैंक | आंशिक बंदी, लोकल यूनियन पर निर्भर |
| फॉरेन बैंक | Citibank, HSBC | न्यूनतम असर, डिजिटल फोकस के कारण |
ग्राहकों के लिए यह तीन लगातार दिनों की बैंकिंग रुकावट का मतलब हो सकता है, क्योंकि 26 जनवरी राष्ट्रीय अवकाश है, 27 हड़ताल और अगर कोई लोकल इश्यू हो तो आगे भी। विशेष रूप से सीनियर सिटिजंस और छोटे बिजनेस ओनर्स प्रभावित होंगे, जो कैश-डिपेंडेंट हैं। हाल के ट्रेंड्स से पता चलता है कि ऐसी हड़तालों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन 15-20% बढ़ जाते हैं, इसलिए PhonePe, Google Pay जैसे ऐप्स का इस्तेमाल बढ़ेगा। ग्राहकों को सलाह है कि जरूरी कैश आज ही निकाल लें, बिल पेमेंट्स ऑनलाइन शेड्यूल करें और लोन EMI के लिए ऑटो-डेबिट सेटअप चेक करें। अगर कोई इमरजेंसी हो, तो बैंक हेल्पलाइन जैसे SBI के 1800-11-2211 पर संपर्क करें।
पिछले हड़तालों से सबक
पिछली हड़तालों, जैसे 2023 की बैंकिंग स्ट्राइक में, लगभग 80% पब्लिक सेक्टर ब्रांचेस बंद रहीं, जिससे 50,000 करोड़ के ट्रांजेक्शन प्रभावित हुए। इस बार UFBU का दावा है कि 10 लाख से ज्यादा कर्मचारी हिस्सा लेंगे, जो इसे बड़े स्तर की हड़ताल बनाता है। सरकार और IBA (Indian Banks’ Association) के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अभी कोई समझौता नहीं हुआ। अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे और हड़तालें हो सकती हैं, जो अर्थव्यवस्था पर असर डालेंगी, खासकर पोस्ट-फेस्टिवल पीरियड में।
विकल्प और बैकअप प्लान
ग्राहक डिजिटल बैंकिंग पर स्विच कर सकते हैं, जहां Net Banking और Mobile Apps से 90% काम हो जाता है। फिनटेक कंपनियां जैसे Paytm और BharatPe अतिरिक्त सपोर्ट दे रही हैं, जहां कैशबैक ऑफर्स के साथ ट्रांजेक्शन आसान हैं। अगर ब्रांच विजिट जरूरी हो, तो प्राइवेट बैंक चुनें या पोस्ट ऑफिस बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करें, जो हड़ताल से कम प्रभावित होती हैं। लंबे टर्म में, बैंक यूनियनों की मांगें अगर पूरी हुईं, तो वीकेंड पर सभी बैंक बंद रहेंगे, जो ग्राहकों के लिए प्लानिंग आसान बनाएगा।
प्रमुख बिंदु
राष्ट्रीय अवकाश : 26 जनवरी को सभी बैंक बंद, कोई अपवाद नहीं।
हड़ताल का स्कोप : राष्ट्रव्यापी, लेकिन पब्लिक सेक्टर पर ज्यादा फोकस; प्राइवेट बैंक खुले रह सकते हैं।
मांगें : 5-डे वर्क वीक, बेहतर वेतन, ज्यादा रिक्रूटमेंट।
असर का अनुमान : 20-30% ब्रांचेस पूरी तरह बंद, डिजिटल सेवाएं सामान्य।
सलाह : ऑनलाइन मोड अपनाएं, कैश स्टॉक करें, हेल्पलाइन यूज करें।
Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट है जो उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। दिए गए टिप्स केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं। स्रोतों का उल्लेख नहीं किया गया है।