“यदि आपका राशन कार्ड खो गया है, तो सबसे पहले पुलिस में FIR दर्ज कराएं। फिर राज्य के PDS पोर्टल पर ऑनलाइन या जिला फूड सप्लाई ऑफिस में ऑफलाइन आवेदन करें। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, FIR कॉपी और फोटो जमा करें। प्रक्रिया में 15-30 दिन लग सकते हैं, और विभिन्न राज्यों में थोड़े बदलाव हैं।”
राशन कार्ड भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सब्सिडाइज्ड अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं को प्राप्त करने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यदि यह खो जाता है, तो डुप्लीकेट कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया सरकारी नियमों के अनुसार चलती है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आती है। 2026 में डिजिटल इंडिया के तहत अधिकांश राज्य ऑनलाइन आवेदन को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे प्रक्रिया तेज हो गई है। हालांकि, राज्यवार विविधताएं हैं, जैसे उत्तर प्रदेश में UP FCS पोर्टल का उपयोग, जबकि दिल्ली में DFS वेबसाइट।
सबसे पहले, खोए हुए कार्ड के लिए पुलिस रिपोर्ट अनिवार्य है। बिना FIR के आवेदन स्वीकार नहीं होता। पुलिस स्टेशन में जाकर खोए हुए कार्ड की डिटेल्स दें, जैसे कार्ड नंबर (यदि याद हो), नाम और पता। FIR की कॉपी प्राप्त करें, जो आवेदन के साथ संलग्न करनी होगी। यह कदम चोरी या दुरुपयोग से बचाव के लिए जरूरी है।
ऑफलाइन आवेदन के लिए अपने जिले के फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ऑफिस जाएं। वहां फॉर्म 15 या समकक्ष फॉर्म मांगें, जो डुप्लीकेट राशन कार्ड के लिए होता है। फॉर्म में परिवार के मुखिया का नाम, पता, सदस्यों की संख्या और खोए कार्ड की डिटेल्स भरें। साथ में सबमिट करें: FIR की कॉपी, सभी सदस्यों के आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, पता प्रमाण (जैसे वोटर ID या बिजली बिल) और यदि उपलब्ध हो तो पुराने कार्ड की फोटोकॉपी। फीस आमतौर पर 50-100 रुपये होती है, जो राज्य पर निर्भर करती है।
ऑनलाइन प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक है। अपने राज्य के आधिकारिक PDS पोर्टल पर जाएं, जैसे महाराष्ट्र के लिए mahafood.gov.in, असम के लिए fcsca.assam.gov.in या राष्ट्रीय स्तर पर nfsa.gov.in से राज्य लिंक चुनें। रजिस्ट्रेशन करें या आधार से लॉगिन करें। ‘डुप्लीकेट राशन कार्ड’ विकल्प चुनें। फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें (FIR स्कैन, आधार, फोटो) और सबमिट करें। आवेदन नंबर नोट करें, जिससे स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर ई-राशन कार्ड डाउनलोड करें या फिजिकल कॉपी मंगवाएं।
राज्यों में अंतर: उत्तर प्रदेश में fcs.up.gov.in पर ‘नया/डुप्लीकेट राशन कार्ड’ सेक्शन है, जहां आधार OTP से वेरिफिकेशन होता है। दिल्ली में dfs.delhi.gov.in पर आवेदन के बाद 15 दिनों में कार्ड मिलता है। तमिलनाडु में consumer.tn.gov.in पर AC/TSO ऑफिस से संपर्क करें, जहां पुराने कार्ड की डिटेल्स और FPS कोड जरूरी है। महाराष्ट्र में फॉर्म 15 का उपयोग करें, जो mahafood.gov.in से डाउनलोड होता है। असम में पुलिस रिपोर्ट के साथ सेल्फ डिक्लेरेशन जमा करें।
जरूरी दस्तावेजों की सूची:
| दस्तावेज | विवरण | अनिवार्यता |
|---|---|---|
| FIR कॉपी | पुलिस से प्राप्त खोए कार्ड की रिपोर्ट | हां |
| आधार कार्ड | सभी परिवार सदस्यों के | हां |
| पासपोर्ट साइज फोटो | परिवार मुखिया और सदस्यों के | हां |
| पता प्रमाण | वर्तमान और पुराने पते का | हां |
| पुराने कार्ड की कॉपी | यदि उपलब्ध हो | नहीं |
| सेल्फ डिक्लेरेशन | कार्ड खोने की वजह | कुछ राज्यों में |
समयसीमा: आवेदन के बाद वेरिफिकेशन के लिए 7-15 दिन लगते हैं, उसके बाद कार्ड जारी होने में 15-30 दिन। 2026 में डिजिटल प्रक्रिया से कई राज्य 10 दिनों में ई-कार्ड प्रदान कर रहे हैं। यदि देरी हो, तो आवेदन नंबर से ट्रैक करें या हेल्पलाइन पर संपर्क करें, जैसे राष्ट्रीय NFSA हेल्पलाइन 1967 या राज्यवार नंबर।
आम गलतियां और टिप्स: कई लोग FIR दर्ज किए बिना आवेदन करते हैं, जिससे रिजेक्शन होता है। हमेशा मूल दस्तावेज साथ रखें। यदि परिवार में बदलाव हो (जैसे सदस्य जोड़ना या हटाना), तो डुप्लीकेट के साथ ही अपडेट करवाएं। डिजिटल राशन कार्ड (e-Ration Card) अब अधिक प्रचलित है, जो ऐप्स जैसे UMANG या DigiLocker से डाउनलोड होता है। यदि कार्ड चोरी हुआ हो, तो अतिरिक्त सिक्योरिटी चेक हो सकता है।
डुप्लीकेट कार्ड के लाभ: यह पुराने कार्ड जैसा ही काम करता है, जिसमें APL/BPL/AAY कैटेगरी बरकरार रहती है। सब्सिडी जारी रहती है, लेकिन यदि PDS से अनाज लेने में देरी हो, तो अंतरिम व्यवस्था के लिए ऑफिस से संपर्क करें। 2026 में One Nation One Ration Card स्कीम के तहत डुप्लीकेट कार्ड देशभर में वैध है, जिससे माइग्रेंट वर्कर्स को फायदा मिलता है।
यदि कार्ड क्षतिग्रस्त हो: खोने के अलावा यदि कार्ड फट गया या अयोग्य हो गया, तो भी यही प्रक्रिया अपनाएं, लेकिन FIR की बजाय क्षतिग्रस्त कार्ड जमा करें। कुछ राज्य जैसे तमिलनाडु में FPS कोड और राशन कार्ड नंबर अनिवार्य है।
ट्रैकिंग और अपील: आवेदन सबमिट करने के बाद SMS या ईमेल से अपडेट मिलता है। यदि रिजेक्ट हो, तो कारण जानें और अपील करें। NFSA पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। 2026 में AI आधारित वेरिफिकेशन से प्रक्रिया तेज हुई है, लेकिन दस्तावेजों की सटीकता जरूरी है।
डुप्लीकेट कार्ड प्राप्त करने के बाद: इसे सुरक्षित रखें और DigiLocker में सेव करें। यदि फिर खो जाए, तो प्रक्रिया दोहराएं, लेकिन बार-बार आवेदन पर जांच हो सकती है। राशन कार्ड अब ID प्रूफ के रूप में भी इस्तेमाल होता है, इसलिए जल्दी बनवाएं।
राज्यवार हेल्पलाइन नंबर:
| राज्य | हेल्पलाइन नंबर | वेबसाइट |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 1967 | fcs.up.gov.in |
| दिल्ली | 1967 | dfs.delhi.gov.in |
| महाराष्ट्र | 1967 | mahafood.gov.in |
| तमिलनाडु | 1967 | consumer.tn.gov.in |
| असम | 1967 | fcsca.assam.gov.in |
ये नंबर 24×7 उपलब्ध हैं। यदि आप प्रवासी हैं, तो ONORC पोर्टल onorcr.nic.in पर चेक करें कि डुप्लीकेट कार्ड देशभर में काम करेगा।
डुप्लीकेट कार्ड के लिए फीस: अधिकांश राज्य मुफ्त या नाममात्र फीस लेते हैं, जैसे 45 रुपये प्रिंटिंग के लिए। ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से भुगतान करें। यदि कोई ब्रोकर मांगे, तो शिकायत करें।
सुरक्षा टिप्स: राशन कार्ड पर QR कोड अब कॉमन है, जो स्कैन से डिटेल्स दिखाता है। खोने पर तुरंत रिपोर्ट करें ताकि दुरुपयोग न हो। 2026 में बायोमेट्रिक लिंकिंग से सिक्योरिटी बढ़ी है।
यदि परिवार अलग हो रहा हो: डुप्लीकेट के साथ अलग कार्ड के लिए फॉर्म 14 या समकक्ष उपयोग करें, जहां सरेंडर सर्टिफिकेट जरूरी है।
Disclaimer: यह रिपोर्ट सामान्य जानकारी के लिए है और आधिकारिक सलाह नहीं मानी जाए। पाठक अपनी जिम्मेदारी पर कार्रवाई करें।