ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ ट्रेड डील में टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा हुआ था। लेकिन इसके ठीक बाद बांग्लादेश के साथ समझौते में टैरिफ 20% से घटाकर 19% किया और कुछ टेक्सटाइल-गारमेंट्स पर जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ की व्यवस्था की, जिससे बांग्लादेशी उत्पाद अमेरिकी बाजार में मजबूत प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। इस खबर से भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर के शेयरों में 15-20% तक की तेज गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों को लगा कि बांग्लादेश का एडवांटेज भारतीय निर्यातकों की बढ़त को कमजोर कर सकता है।
ट्रंप का टैरिफ पर डबल गेम! भारत के साथ डील के बाद बांग्लादेश को दी राहत, बुरी तरह गिरे 20% उछलने वाले शेयर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रेसिप्रोकल टैरिफ नीति में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। अप्रैल 2025 में शुरू हुई इस नीति के तहत भारत पर शुरुआत में 25% और बाद में 50% तक टैरिफ लगाया गया था, जबकि बांग्लादेश पर 37% का बोझ डाला गया। भारतीय पक्ष से लंबी बातचीत के बाद फरवरी 2026 की शुरुआत में भारत-अमेरिका ट्रेड फ्रेमवर्क में सहमति बनी, जिसमें भारत से आने वाले सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ 18% तय हुआ। यह कटौती भारतीय टेक्सटाइल, अपैरल, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे सेक्टर्स के लिए बड़ी राहत साबित हुई, क्योंकि इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ी।
भारत के इस डील के महज एक सप्ताह बाद ही ट्रंप प्रशासन ने बांग्लादेश के साथ अलग समझौता किया। 9 फरवरी 2026 को साइन हुए इस एग्रीमेंट में बांग्लादेश से आने वाले सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ 20% से घटाकर 19% कर दिया गया। सबसे अहम बात यह है कि अमेरिकी कॉटन या मैन-मेड फाइबर से बने कुछ टेक्सटाइल और अपैरल प्रोडक्ट्स पर जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ की व्यवस्था की गई है। यह छूट उस वॉल्यूम तक लागू होगी, जो अमेरिका से बांग्लादेश को होने वाले टेक्सटाइल इनपुट्स की मात्रा पर निर्भर करेगी।
इस प्रावधान से बांग्लादेश का गारमेंट सेक्टर, जो देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है, अमेरिकी बाजार में मजबूत पोजिशन हासिल कर सकता है। बांग्लादेश के इंटरिम चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने इसे “हिस्टोरिकली न्यू लेवल” का समझौता बताया है। समझौते के तहत बांग्लादेश अमेरिकी इंडस्ट्रियल और एग्री प्रोडक्ट्स जैसे मशीनरी, मेडिकल डिवाइसेस, सोयाबीन और डेयरी को अपनी मार्केट में बेहतर एक्सेस देगा।
भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए यह खबर चिंता का विषय बन गई है। हालांकि कुल टैरिफ में भारत 18% पर है और बांग्लादेश 19% पर, लेकिन जीरो टैरिफ क्लॉज से बांग्लादेशी गारमेंट्स की कीमतें काफी कम हो सकती हैं। इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स की प्राइसिंग एडवांटेज कमजोर पड़ सकती है, खासकर अमेरिका में जहां दोनों देश रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल में सीधे मुकाबला करते हैं।
शेयर बाजार पर इसका तुरंत असर दिखा। भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर के प्रमुख स्टॉक्स में भारी बिकवाली हुई। कई शेयर जो पिछले हफ्ते भारत-अमेरिका डील के बाद 15-25% तक उछले थे, अब 15-20% तक गिर गए। निवेशकों का मानना है कि बांग्लादेश का यह एडवांटेज लंबे समय में भारतीय कंपनियों के ऑर्डर्स और मार्जिन पर दबाव डालेगा।
प्रमुख प्रभावित सेक्टर और कंपनियां
टेक्सटाइल और गारमेंट एक्सपोर्टर्स : भारत का यह सेक्टर अमेरिका में बांग्लादेश के साथ सीधा कॉम्पिटिशन करता है। जीरो टैरिफ वाले प्रोडक्ट्स से बांग्लादेशी निर्यातकों को 19% से ज्यादा एडवांटेज मिल सकता है।
कॉटन ट्रेडर्स : अमेरिकी कॉटन के इस्तेमाल से बांग्लादेश को फायदा होगा, जिससे भारतीय कॉटन की डिमांड प्रभावित हो सकती है।
स्टॉक मार्केट रिएक्शन : टैरिफ राहत की उम्मीद में उछले कई स्टॉक्स अब गिरावट में हैं, क्योंकि निवेशक अब प्रतिस्पर्धा की नई रियलिटी को देख रहे हैं।
ट्रंप की यह रणनीति दोनों देशों को अलग-अलग डील्स देकर बैलेंस बनाने की कोशिश लगती है, लेकिन भारतीय इंडस्ट्री के लिए यह चुनौती बन गई है। अब देखना होगा कि भारत सरकार और एक्सपोर्टर्स इस स्थिति से कैसे निपटते हैं।
डिस्क्लेमर : यह न्यूज रिपोर्ट वर्तमान घटनाक्रम और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। निवेश संबंधी कोई सलाह नहीं है। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है।