प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर से जारी की जा चुकी है, जिसमें 9 करोड़ से अधिक किसानों को 2000 रुपये ट्रांसफर किए गए। अब किसान 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, जो फरवरी 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में आ सकती है। eKYC अनिवार्य है, और उच्च आर्थिक स्थिति वाली कई श्रेणियां लाभ से वंचित रहेंगी।
पीएम किसान योजना: 22वीं किस्त की तैयारी पूरी, लेकिन ये किसान रहेंगे बाहर
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है, प्रत्येक किस्त 2000 रुपये की। योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी और अब तक 21 किस्तें जारी हो चुकी हैं।
21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तमिलनाडु के कोयंबटूर से जारी की गई। इस किस्त में करीब 9 करोड़ किसानों के खातों में कुल 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पहुंचाई गई। इससे पहले 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को वाराणसी से जारी हुई थी, जिसमें 9.7 करोड़ किसानों को 20,500 करोड़ रुपये मिले थे।
अब किसान 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। योजना के चार माह के चक्र के अनुसार, दिसंबर-मार्च की अवधि वाली किस्त फरवरी 2026 में जारी होने की संभावना है। पिछले पैटर्न को देखते हुए, यह किस्त फरवरी के पहले या मध्य सप्ताह में, संभवतः 8 फरवरी के आसपास आ सकती है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन सरकार की ओर से eKYC और सत्यापन का अभियान तेज किया गया है ताकि पात्र किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
किस्त प्राप्त करने के लिए जरूरी शर्तें
किसान परिवार के पास cultivable land holding होना चाहिए।
आधार नंबर, बैंक खाता और मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य।
eKYC पूरा करना जरूरी, अन्यथा किस्त फंस सकती है।
self-declaration फॉर्म में पात्रता की पुष्टि करनी होती है।
इन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ – exclusion categories
योजना में उच्च आर्थिक स्थिति वाले कई वर्गों को बाहर रखा गया है। ये श्रेणियां हैं:
संस्थागत भूमि धारक (Institutional land holders), जैसे धार्मिक ट्रस्ट या कॉर्पोरेट संस्थाएं।
पूर्व या वर्तमान संवैधानिक पदाधिकारी।
पूर्व या वर्तमान मंत्री, राज्य मंत्री, लोकसभा/राज्यसभा/विधानसभा/विधान परिषद के सदस्य, मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष।
केंद्र/राज्य सरकार के मंत्रालयों, विभागों, PSU, स्वायत्त संस्थाओं या स्थानीय निकायों के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारी (क्लास IV या ग्रुप D को छोड़कर)।
पिछले मूल्यांकन वर्ष में आयकर देने वाले।
डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर जो अपनी प्रैक्टिस चलाते हैं।
इन श्रेणियों में आने वाले किसान परिवार पूरी तरह अयोग्य हैं। सरकार ने अब तक 416 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अयोग्य लाभार्थियों से वसूल की है। राज्य सरकारें डेटाबेस अपडेट कर रही हैं और संदिग्ध मामलों की जांच कर रही हैं।
लाभार्थी स्थिति कैसे जांचें
आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
‘Know Your Status’ या ‘Beneficiary Status’ विकल्प चुनें।
आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन आईडी से सर्च करें।
स्टेटस में ‘Success’ दिखे तो किस्त सफलतापूर्वक ट्रांसफर हो गई है; ‘Pending’ या ‘Rejected’ होने पर कारण जांचें।
यदि किस्त नहीं आई तो निकटतम कृषि कार्यालय या हेल्पलाइन से संपर्क करें। eKYC अपडेट करवाएं और बैंक विवरण सही रखें।
योजना का प्रभाव
योजना शुरू होने के बाद अब तक 3.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। वित्त वर्ष 2025-26 में अगस्त-नवंबर अवधि में 9.35 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों की आय स्थिरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।