“वैश्विक बैंकिंग दिग्गज HSBC आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दम पर मिडिल और बैक ऑफिस में बड़े बदलाव की योजना बना रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले 3-5 सालों में करीब 20,000 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, जो बैंक की कुल वर्कफोर्स का लगभग 10% है। मुख्य रूप से नॉन-क्लाइंट फेसिंग रोल्स और ग्लोबल सर्विस सेंटर्स पर असर पड़ेगा, जहां AI रूटीन टास्क्स को ऑटोमेट कर रहा है। हालांकि, ये अभी शुरुआती चर्चा है और कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।”
HSBC में AI के कारण छंटनी की आशंका
HSBC Holdings Plc, दुनिया के प्रमुख बैंकों में से एक, अब AI को अपनाकर अपने ऑपरेशंस को पूरी तरह बदलने की राह पर है। CEO Georges Elhedery के नेतृत्व में बैंक मिडिल और बैक ऑफिस को सिकुड़ाने पर फोकस कर रहा है, जहां AI टूल्स डेटा प्रोसेसिंग, कंप्लायंस और सपोर्ट टास्क्स को तेजी से हैंडल कर रहे हैं।
बैंक की कुल वर्कफोर्स 2025 के अंत में करीब 2,08,720 फुल-टाइम इक्विवेलेंट कर्मचारियों की थी। प्रस्तावित बदलाव से 20,000 रोल्स प्रभावित हो सकते हैं, यानी कुल स्टाफ का 10%। ये कटौती सीधे लेऑफ के रूप में नहीं होगी, बल्कि नैचुरल अट्रिशन (कर्मचारियों के रिटायरमेंट या छोड़ने), वैकेंसी न भरने और कुछ बिजनेस सेल या एग्जिट से भी आएगी।
सबसे ज्यादा असर उन रोल्स पर पड़ेगा जो कस्टमर से सीधे डील नहीं करते, जैसे ग्लोबल सर्विस सेंटर्स में काम करने वाले कर्मचारी। ये सेंटर्स डेटा-हैवी टास्क्स संभालते हैं, जहां AI अब ऑटोमेशन के जरिए लागत कम कर रहा है और प्रोडक्टिविटी बढ़ा रहा है।
CEO Georges Elhedery ने 2024 में पद संभालने के बाद से ही रिस्ट्रक्चरिंग शुरू की थी, जिसमें हजारों नौकरियां पहले ही कम की जा चुकी हैं। कुछ बिजनेस सेल, मर्ज या क्लोज किए गए। अब AI को मुख्य हथियार बनाकर बैंक कॉस्ट कटिंग और एफिशिएंसी पर जोर दे रहा है। हाल ही में CFO Pam Kaur ने भी कहा था कि AI से लागत घटाने के साथ-साथ कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के अवसर हैं।
ये कदम ग्लोबल बैंकिंग इंडस्ट्री के ट्रेंड से मेल खाता है। AI के चलते रूटीन जॉब्स ऑटोमेट हो रहे हैं, जिससे वॉल स्ट्रीट और अन्य फाइनेंशियल हब्स में वर्कफोर्स रीशेप हो रहा है। पिछले साल Bloomberg Intelligence की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 3-5 सालों में ग्लोबल बैंक्स में कुल 2,00,000 तक पोजिशन्स खत्म हो सकती हैं।
HSBC के लिए ये प्लान मीडियम-टर्म है, जो 3 से 5 साल तक चलेगा। अभी ये आकलन शुरुआती स्टेज में है, कोई फाइनल डिसीजन नहीं लिया गया। बैंक ने इस पर कोई आधिकारिक कमेंट नहीं किया है।
प्रभावित क्षेत्र और रोल्स
मिडिल ऑफिस : रिस्क मैनेजमेंट, कंप्लायंस चेकिंग, डेटा एनालिसिस जहां AI टूल्स तेजी से काम कर रहे हैं।
बैक ऑफिस : ट्रांजेक्शन प्रोसेसिंग, रिपोर्टिंग, सपोर्ट फंक्शंस जो अब AI से ऑटोमेट हो सकते हैं।
ग्लोबल सर्विस सेंटर्स : इंडिया, फिलीपींस जैसे देशों में स्थित ये सेंटर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, जहां हजारों कर्मचारी रूटीन वर्क करते हैं।
भारत पर क्या असर?
भारत में HSBC के बड़े ग्लोबल सर्विस सेंटर्स हैं, जहां IT, ऑपरेशंस और सपोर्ट रोल्स हैं। AI के बढ़ते इस्तेमाल से यहां भी कुछ रोल्स रिड्यूस हो सकते हैं, हालांकि बैंक एशिया में ग्रोथ पर फोकस कर रहा है। कर्मचारियों को AI स्किल्स सीखने की सलाह दी जा रही है ताकि वे नए रोल्स में शिफ्ट हो सकें।
इंडस्ट्री ट्रेंड
AI अब सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। 2025 में AI के कारण 50,000 से ज्यादा लेऑफ्स रिपोर्ट हुए थे। बैंकिंग सेक्टर में भी ये ट्रेंड तेज हो रहा है, जहां AI कॉस्ट बचत और बेहतर सर्विस के लिए इस्तेमाल हो रहा है। HSBC का ये कदम दूसरों के लिए उदाहरण बन सकता है।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न रिपोर्ट्स पर आधारित है और सूचनात्मक उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। कोई भी निवेश या करियर निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।