वाराणसी को झटका, BHEL अपने नए प्लांट परियोजना को कहीं और करेगा शिफ्ट; दो साल पहले किया था एलान

“BHEL ने कारखियाँव, वाराणसी में प्रस्तावित नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की योजना को बंद करने का फैसला लिया है, जो 2024 में बोर्ड द्वारा अनुमोदित थी। उत्पादन अब कंपनी के अन्य मौजूदा प्लांट्स में शिफ्ट होगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। इसी बैठक में Q3 FY26 के नतीजे जारी हुए, जिसमें मुनाफा 190% बढ़कर ₹390 करोड़ पहुंचा।”

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने अपनी विस्तार योजनाओं में बड़ा बदलाव करते हुए कारखियाँव, वाराणसी में नए प्लांट की परियोजना को बंद करने की मंजूरी दे दी। यह फैसला कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया, जहां मौजूदा व्यावसायिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए संसाधनों के अनुकूलन पर जोर दिया गया।

इस प्लांट का उद्देश्य रेलवे प्रोपल्शन सिस्टम्स जैसे उत्पादों का निर्माण करना था, लेकिन अब इन उत्पादों का उत्पादन BHEL के अन्य लोकेशन्स जैसे हरिद्वार, भोपाल और त्रिची में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे कंपनी को कैपिटल इन्वेस्टमेंट में कटौती करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

प्रमुख वित्तीय हाइलाइट्स (Q3 FY26)

BHEL ने तीसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया, जो कंपनी की रणनीतिक बदलावों को दर्शाता है। नीचे दी गई तालिका में मुख्य आंकड़े दिए गए हैं:

पैरामीटरQ3 FY26 (₹ करोड़ में)Q3 FY25 (₹ करोड़ में)वृद्धि (%)
नेट प्रॉफिट390.40134.70190
रेवेन्यू8,4737,28016.4
EBITDA54530479.3
EBITDA मार्जिन (%)6.44.2
अन्य आय219105108.6

इस प्रदर्शन में अन्य आय का योगदान महत्वपूर्ण रहा, जो दोगुनी से अधिक हो गई। कंपनी ने डाइवर्सिफिकेशन पर फोकस बढ़ाया है, जिसमें डिफेंस और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट शामिल हैं।

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प्रभाव और रणनीतिक बदलाव

स्थानीय प्रभाव : वाराणसी क्षेत्र में रोजगार सृजन की उम्मीदें प्रभावित होंगी, क्योंकि प्लांट से जुड़ी सप्लाई चेन और लोकल वर्कफोर्स पर असर पड़ेगा। हालांकि, BHEL ने मौजूदा प्लांट्स में उत्पादन बढ़ाकर नुकसान की भरपाई करने की योजना बनाई है।

व्यावसायिक कारण : बाजार की बदलती डायनामिक्स, जैसे बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा, ने इस फैसले को प्रेरित किया। कंपनी अब प्रोजेक्ट-सेंट्रिक अप्रोच पर जोर दे रही है, जिससे निर्माण टनेज में 100% की वृद्धि दर्ज हुई है।

भविष्य की योजनाएं : BHEL वेल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (WRI) के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट पर निवेश कर रहा है, जिसमें हरिद्वार, भोपाल, रानीपेट, झांसी और वाराणसी यूनिट्स में कॉमन इंजीनियरिंग फैसिलिटी सेंटर्स (CEFC) स्थापित किए जा रहे हैं। यह मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज की स्कीम के तहत है।

कंपनी ने हाल में मेत्री सुपरक्रिटिकल पावर प्रोजेक्ट (बांग्लादेश), नॉर्थ करनपुरा थर्मल पावर स्टेशन और गोरखपुर हरियाणा अनु विद्युत परियोजना में सफलताएं हासिल की हैं, जो उसके वैश्विक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी को 195 GW तक ले गई हैं।

Disclaimer: यह एक समाचार रिपोर्ट है, विभिन्न स्रोतों पर आधारित। यह टिप्स या सलाह नहीं है।

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