“यह लेख पैसे बचाने के लिए आफ्टरमार्केट CNG किट लगवाने के जोखिमों पर फोकस करता है, जिसमें गैस लीक, आग की घटनाएं और RTO नियमों का उल्लंघन शामिल है। इसमें ARAI प्रमाणित किट चुनने, प्रोफेशनल इंस्टॉलेशन, रेगुलर मेंटेनेंस टिप्स और हाल की दुर्घटनाओं के उदाहरण दिए गए हैं, साथ ही फैक्ट्री फिटेड बनाम आफ्टरमार्केट किट की तुलना।”
भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच CNG एक सस्ता विकल्प बन चुका है, लेकिन कई कार मालिक पैसे बचाने के लिए आफ्टरमार्केट CNG किट चुनते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती है। हाल ही में दिल्ली में एक आफ्टरमार्केट CNG किट वाली कार में लीकेज से आग लगने की घटना में दो लोग घायल हुए, जो अनऑथराइज्ड इंस्टॉलेशन का नतीजा थी। ऐसे में, CNG किट लगवाने से पहले सर्टिफाइड विकल्प चुनना जरूरी है, क्योंकि अनसर्टिफाइड किट से गैस लीक, सिलेंडर फटने या इंजन फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
आरटीओ नियमों के मुताबिक, CNG किट इंस्टॉलेशन के बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन अपडेट कराना अनिवार्य है, वरना ₹5,000 से ₹10,000 तक का जुर्माना लग सकता है। आफ्टरमार्केट किट की कीमत फैक्ट्री फिटेड से 40-50% कम होती है, लेकिन इसमें सेफ्टी फीचर्स जैसे प्रेशर रिलीफ वॉल्व और एंटी-लीक सेंसर्स की कमी रहती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत में CNG वाहनों की संख्या 1 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई, लेकिन आफ्टरमार्केट इंस्टॉलेशन से जुड़ी दुर्घटनाएं 20% बढ़ीं।
आफ्टरमार्केट CNG किट के प्रमुख जोखिम
आफ्टरमार्केट किट चुनने में सबसे बड़ी गलती अनसर्टिफाइड कंपोनेंट्स का इस्तेमाल है, जो हाई प्रेशर गैस को हैंडल नहीं कर पाते। उदाहरण के लिए, अगर सिलेंडर की क्वालिटी घटिया हो, तो एक्सीडेंट में फटने का खतरा बढ़ जाता है। मुंबई में जनवरी 2026 में एक टैक्सी में इसी वजह से ब्लास्ट हुआ, जिसमें ड्राइवर की मौत हो गई। इसके अलावा, इंस्टॉलेशन के दौरान वायरिंग में गड़बड़ी से इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जो आग का कारण बनता है।
एक और समस्या इंजन परफॉर्मेंस की है – आफ्टरमार्केट किट से कार की पावर 10-15% कम हो जाती है, और हाई RPM पर स्टॉलिंग की शिकायत आम है। अगर किट कार के मॉडल से मैच नहीं करती, तो वोल्टेज डिफरेंस से फ्यूल सिस्टम डैमेज हो सकता है। बीमा कंपनियां भी ऐसी किट वाली कारों के क्लेम रिजेक्ट कर देती हैं, क्योंकि वे अनऑथराइज्ड मॉडिफिकेशन मानती हैं।
CNG किट लगवाने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें
CNG किट चुनते समय ARAI (Automotive Research Association of India) अप्रूव्ड किट ही लें, जो सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को फॉलो करती हैं। इंस्टॉलेशन केवल रजिस्टर्ड डीलर से करवाएं, जो RTO अप्रूवल भी हैंडल करें। सिलेंडर की एक्सपायरी डेट चेक करें – हर 3 साल में हाइड्रो टेस्टिंग जरूरी है, वरना लीकेज का रिस्क बढ़ता है।
मेंटेनेंस में लापरवाही न बरतें: हर 10,000 किमी पर किट चेकअप करवाएं, जिसमें प्रेशर गेज, वॉल्व और होज पाइप शामिल हों। कार में वेंटिलेशन सिस्टम अच्छा रखें, ताकि गैस लीक होने पर फैले नहीं। अनऑथराइज्ड मॉडिफिकेशन से बचें, जैसे DIY इंस्टॉलेशन, जो RTO सेफ्टी गाइडलाइंस का उल्लंघन है।
फैक्ट्री फिटेड vs आफ्टरमार्केट CNG किट: तुलना
नीचे दी गई टेबल में दोनों विकल्पों की तुलना की गई है, जो पैसे बचाने के चक्कर में जोखिम समझने में मदद करेगी:
हाल की दुर्घटनाओं से सीख
| पैरामीटर | फैक्ट्री फिटेड CNG किट | आफ्टरमार्केट CNG किट |
|---|---|---|
| कीमत | ₹60,000 से ₹80,000 | ₹30,000 से ₹50,000 |
| सेफ्टी फीचर्स | इनबिल्ट प्रेशर रिलीफ, सेंसर्स और क्रैश टेस्टेड | सीमित, डिपेंड करता है ब्रांड पर |
| वारंटी | OEM सपोर्ट के साथ 2-3 साल | सीमित, अक्सर 1 साल |
| इंजन परफॉर्मेंस | ऑप्टिमाइज्ड, कोई पावर लॉस नहीं | 10-15% पावर कम, ट्यूनिंग इश्यू |
| RTO अप्रूवल | ऑटोमैटिक, कंपनी हैंडल करती है | मैनुअल, डिले से जुर्माना |
| रिस्क लेवल | कम, फैक्ट्री टेस्टेड | हाई, इंस्टॉलेशन एरर से दुर्घटना |
| मेंटेनेंस | रेगुलर सर्विस नेटवर्क | अलग से CNG वर्कशॉप |
2025-2026 में CNG से जुड़ी घटनाएं बढ़ी हैं। उदाहरण के लिए, पुणे में एक Alto K10 में आफ्टरमार्केट किट से स्टॉलिंग इश्यू आया, जो हाईवे पर एक्सीडेंट का कारण बना। एक अन्य केस में, दिल्ली की एक Hyundai कार में लूज फिटिंग से गैस लीक हुई, जिससे आग लगी और इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो गया। ये घटनाएं दिखाती हैं कि पैसे बचाने के लिए सस्ती किट चुनना कितना खतरनाक है।
सुरक्षा बढ़ाने के प्रैक्टिकल टिप्स
किट चयन: Lovato, Tomasetto या BRC जैसे रेपुटेड ब्रांड चुनें, जो ARAI सर्टिफाइड हों।
इंस्टॉलेशन प्रोसेस: डीलर से इंस्टॉलेशन के दौरान मौजूद रहें, और सभी कंपोनेंट्स चेक करें।
ड्राइविंग हैबिट्स: CNG मोड में अचानक एक्सेलरेशन से बचें, ताकि सिस्टम पर स्ट्रेस न पड़े।
इमरजेंसी हैंडलिंग: अगर गैस की महक आए, तो इंजन बंद करें, वेंटिलेट करें और तुरंत मैकेनिक बुलाएं।
इंश्योरेंस अपडेट: किट लगवाने के बाद बीमा कंपनी को सूचित करें, वरना क्लेम वैलिड नहीं होगा।
सरकारी स्कीम्स: भारत सरकार की CNG प्रमोशन स्कीम्स का फायदा लें, जो सर्टिफाइड किट पर सब्सिडी देती हैं।
इन टिप्स को फॉलो करने से आप CNG के फायदे ले सकते हैं, जैसे प्रति किमी 50% कम खर्च, लेकिन जोखिम कम रखें। आफ्टरमार्केट किट चुनते समय हमेशा सेफ्टी को प्राथमिकता दें, क्योंकि एक छोटी बचत बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है और पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है। यह रिपोर्ट्स, टिप्स और उपलब्ध डेटा पर आधारित है।