गौतम अडानी को मिली जेपी एसोसिएट्स की खरीद पर NCLT की मुहर, अनिल अग्रवाल की वेदांता की बोली फेल!

“गौतम अडानी की अगुवाई वाली अडानी एंटरप्राइजेज को जेपी एसोसिएट्स (Jaiprakash Associates) के अधिग्रहण के लिए NCLT से मंजूरी मिल गई है। को-ऑफ क्रेडिटर्स ने नवंबर 2025 में अडानी की ₹14,500-15,000 करोड़ की रिजॉल्यूशन प्लान को 89-93% वोट से पास किया, जबकि वेदांता की उच्च बोली को खारिज कर दिया गया क्योंकि अडानी का प्लान अधिक upfront पेमेंट और तेज क्रियान्वयन प्रदान करता है। वेदांता ने NCLT में चुनौती दी लेकिन अंततः अडानी की जीत हुई, जिससे अडानी ग्रुप को सीमेंट, पावर, रियल एस्टेट और इंफ्रा एसेट्स में मजबूत विस्तार मिलेगा।”

गौतम अडानी का होगा JP Associates, खरीद पर NCLT ने लगाई मुहर; नहीं गली वेदांता वाले अनिल अग्रवाल की दाल!

NCLT की इलाहाबाद बेंच ने अडानी एंटरप्राइजेज की जेपी एसोसिएट्स (JAL) के लिए रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है। यह फैसला इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड (IBC) के तहत आया, जहां को-ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) ने नवंबर 2025 में अडानी की बोली को प्राथमिकता दी। अडानी की योजना लगभग ₹14,500 करोड़ से ₹15,000 करोड़ की है, जिसमें बड़ा हिस्सा upfront पेमेंट के रूप में लेनदारों को मिलेगा।

लेनदारों ने वेदांता की ₹17,000 करोड़ की उच्च बोली को नजरअंदाज किया, क्योंकि अडानी का प्लान 1.5-2 साल में पूरा होने वाला है, जबकि वेदांता का 5 साल तक फैला हुआ था। CoC में मुख्य रूप से भारतीय बैंक शामिल थे, जिन्होंने 89% से 93% वोट से अडानी को समर्थन दिया। NARCL जैसे प्रमुख लेनदारों का वोटिंग शेयर 86% के करीब था, जिसने फैसले को निर्णायक बनाया।

इस अधिग्रहण से अडानी ग्रुप को जेपी ग्रुप के प्रमुख एसेट्स मिलेंगे, जिनमें शामिल हैं:

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सीमेंट प्लांट्स (Jaypee Cement की क्षमता लगभग 10-12 मिलियन टन सालाना)

पावर प्रोजेक्ट्स (Jaiprakash Power Ventures के तहत हाइड्रो और थर्मल पावर)

रियल एस्टेट और होटल प्रोजेक्ट्स (Jaypee Greens, Wishtown जैसे बड़े टाउनशिप)

इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स (हाईवे, एक्सप्रेसवे और अन्य)

यह डील अडानी के लिए सीमेंट सेक्टर में एंट्री को मजबूत करेगी, जहां वह पहले से ही Ambuja और ACC के जरिए मजबूत है। साथ ही पावर और इंफ्रा में विस्तार होगा, जो ग्रुप की कुल क्षमता को बढ़ाएगा।

वेदांता ने फरवरी 2026 में NCLT में अडानी के प्लान को चुनौती दी, इसे ‘कमर्शियल कॉन्सपिरेसी’ करार देते हुए। अनिल अग्रवाल की कंपनी ने दावा किया कि वह हाईएस्ट बिडर थी, लेकिन लेनदारों ने उसे साइडलाइन किया। हालांकि NCLT ने वेदांता की याचिका को खारिज कर दिया और अडानी के प्लान को अंतिम मंजूरी प्रदान की।

इस प्रक्रिया में CCI ने पहले ही अडानी की बोली को क्लीयरेंस दे दिया था, जिसमें JAL के 100% शेयरहोल्डिंग का अधिग्रहण शामिल है। Adani Enterprises, Adani Infrastructure और अन्य ग्रुप एंटिटी इसमें शामिल हैं।

जेपी एसोसिएट्स लंबे समय से कर्ज में डूबी हुई है, जिसके कारण IBC प्रक्रिया शुरू हुई। इस अधिग्रहण से हजारों होमबायर्स और कर्मचारियों के हित सुरक्षित होंगे, क्योंकि प्लान में उनके क्लेम्स को भी कवर किया गया है।

मार्केट रिएक्शन में Jaiprakash Power Ventures के शेयरों में 29% तक की तेजी आई थी जब CoC ने अडानी को चुना। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर भी 1% चढ़े।

यह डील भारतीय इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया की पारदर्शिता दिखाती है, जहां लेनदारों की व्यावसायिक प्राथमिकताएं (upfront पेमेंट और समयबद्धता) अंतिम फैसला तय करती हैं। अडानी ग्रुप अब जेपी के एसेट्स को इंटीग्रेट कर अपनी पोजिशन मजबूत करेगा।

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Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी और रिपोर्ट्स पर आधारित है। निवेश संबंधी कोई सलाह नहीं है।

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