“ITC के शेयरों में हालिया गिरावट बजट 2026 के एक्साइज ड्यूटी हाइक से प्रभावित हुई है, जिससे सिगरेट सेगमेंट पर दबाव बढ़ा। वर्तमान भाव 314.80 रुपये है, जबकि 52-वीक लो 302 रुपये। एनालिस्ट्स का औसत टारगेट 386-455 रुपये है, जो 25-47% अपसाइड दर्शाता है। कंपनी के FMCG और होटल बिजनेस में ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन सिगरेट मार्जिन पर चुनौतियां बनी रहेंगी।”
ITC के शेयरों का भविष्य: गिरावट के बाद क्या आएगी रिकवरी?
ITC लिमिटेड के शेयरों में हालिया उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को चौंका दिया है। कंपनी के शेयर भाव 300 रुपये के करीब पहुंच चुके हैं, जो 52-वीक लो स्तर को छू रहा है। बजट 2026 में सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की घोषणा ने स्टॉक पर सीधा असर डाला, जिससे जनवरी में ही 20% की गिरावट दर्ज हुई। इससे कंपनी की मार्केट कैप में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ।
सिगरेट सेगमेंट ITC की कमाई का मुख्य हिस्सा है, जो कुल प्रॉफिट का बड़ा योगदान देता है। नई ड्यूटी से सिगरेट की कीमतों में 2-3 रुपये प्रति स्टिक की बढ़ोतरी हो सकती है, जो वॉल्यूम को प्रभावित करेगी। हालांकि, कंपनी ने ऐतिहासिक रूप से ऐसे बदलावों का सामना किया है और प्राइस हाइक के जरिए मार्जिन को सुरक्षित रखा है।
हालिया परफॉर्मेंस का विश्लेषण
ITC के शेयरों की हालिया परफॉर्मेंस निम्नलिखित है:
| समय अवधि | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|
| 1 सप्ताह | -2.69% |
| 1 महीना | -10.10% |
| 3 महीने | -25.13% |
| 1 वर्ष | -31.96% |
| 3 वर्ष | -16.88% |
52-वीक हाई 465.20 रुपये रहा, जबकि लो 302 रुपये। मार्केट कैप वर्तमान में 3,94,294 करोड़ रुपये है, और TTM P/E रेशियो 11.26 है, जो लो P/E कैटेगरी में आता है। TTM EPS 27.96 रुपये है, जो YoY 70.26% की ग्रोथ दिखाता है।
बजट 2026 का प्रभाव
बजट 2026 में सिगरेट और टोबैको प्रोडक्ट्स पर NCCD रेट 60% तक बढ़ाया गया, जो पहले 25% था। यह बदलाव फरवरी से प्रभावी हुआ, जिससे ITC और Godfrey Phillips जैसे स्टॉक्स में 3-5% की गिरावट आई। सिगरेट की रिटेल प्राइस में 22-50% तक बढ़ोतरी की आशंका है, जो कंज्यूमर डिमांड को कम कर सकती है। सरकार का यह कदम सिन गुड्स पर टैक्स बढ़ाने की नीति का हिस्सा है, लेकिन ITC के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि सिगरेट बिजनेस कुल सेल्स का 40% से ज्यादा योगदान देता है।
हालांकि, बजट में FMCG सेक्टर के लिए कुछ पॉजिटिव ऐलान भी थे, जैसे न्यूक्लियस ब्रीडिंग सेंटर्स और श्रिंप फार्मिंग के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट, जो ITC के डायवर्सिफाइड बिजनेस को फायदा पहुंचा सकता है।
कंपनी के फाइनेंशियल्स का ओवरव्यू
ITC के दिसंबर 2025 क्वार्टर में कंसोलिडेटेड नेट सेल्स 20,047.30 करोड़ रुपये रही, जो YoY 6.69% ऊपर है। स्टैंडअलोन नेट सेल्स 18,017.14 करोड़ रुपये रही, YoY 5.65% ग्रोथ के साथ। कंपनी का डिविडेंड यील्ड 4.46% है, और लेटेस्ट क्वार्टरली डिविडेंड 3.59 रुपये प्रति शेयर रहा।
ITC के बिजनेस सेगमेंट्स में विविधता है:
सिगरेट : मुख्य रेवेन्यू सोर्स, लेकिन टैक्सेशन से प्रभावित।
FMCG : फूड, पर्सनल केयर में ग्रोथ, ब्रांड्स जैसे Aashirvaad, Sunfeast, Yippee।
होटल्स : ITC Hotels का डेमर्जर प्लान, जो वैल्यू अनलॉक कर सकता है।
पेपरबोर्ड्स और पैकेजिंग : स्थिर ग्रोथ।
एग्री बिजनेस : एक्सपोर्ट फोकस के साथ मजबूत।
कंपनी ने डायवर्सिफिकेशन पर फोकस बढ़ाया है, जिससे सिगरेट डिपेंडेंसी कम हो रही है।
एनालिस्ट्स की राय और प्राइस टारगेट
36 एनालिस्ट्स के आधार पर ITC का कंसेंसस न्यूट्रल/होल्ड है:
बाय: 28%
आउटपरफॉर्म: 14%
होल्ड: 33%
अंडरपरफॉर्म: 22%
सेल: 3%
औसत 12-मंथ प्राइस टारगेट 386-455 रुपये है, जो करंट प्राइस से 25-47% अपसाइड दर्शाता है। हाई एस्टिमेट 550 रुपये, लो 314 रुपये।
कुछ प्रमुख ब्रोकर व्यूज:
Motilal Oswal: न्यूट्रल, टारगेट 365 रुपये।
Prabhudas Lilladher: रिड्यूस, टारगेट 314 रुपये।
Geojit BNP Paribas: बाय, टारगेट 462 रुपये।
एनालिस्ट्स का मानना है कि टैक्स हाइक का सबसे बुरा असर फैक्टर इन हो चुका है, और रिकवरी 350-360 स्तर तक संभव है। हालांकि, अगर वॉल्यूम में बड़ी गिरावट आई तो मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा।
भविष्य की संभावनाएं और रिस्क्स
ITC के शेयरों का भविष्य डायवर्सिफाइड बिजनेस पर निर्भर है। होटल्स डेमर्जर से वैल्यू अनलॉकिंग हो सकती है, जो स्टॉक को बूस्ट देगी। FMCG सेगमेंट में 10% से ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद है, खासकर रूरल मार्केट रिकवरी से। एग्री और पैकेजिंग सेगमेंट्स में एक्सपोर्ट ऑपर्च्युनिटीज बढ़ रही हैं।
मुख्य रिस्क्स:
सिगरेट वॉल्यूम में गिरावट: प्राइस सेंसिटिव मार्केट में हाइकर टैक्स से इलीगल ट्रेड बढ़ सकता है।
मार्जिन प्रेशर: टैक्स एब्जॉर्ब करने या प्राइस हाइक से बैलेंस बनाना चुनौतीपूर्ण।
मार्केट सेंटिमेंट: ब्रॉडर मार्केट क्रैश या इकोनॉमिक स्लोडाउन से प्रभाव।
रेगुलेटरी चेंजेस: WHO के 75% टैक्स टारगेट से आगे बदलाव संभव।
पॉजिटिव फैक्टर्स:
स्ट्रॉन्ग डिविडेंड पेआउट: इनकम इन्वेस्टर्स के लिए आकर्षक।
लो P/E: वैल्यूएशन आकर्षक, ग्रोथ पोटेंशियल।
डायवर्सिफिकेशन: नॉन-सिगरेट बिजनेस कुल रेवेन्यू का 50% से ज्यादा पहुंच रहा है।
मार्केट ट्रेंड्स और तुलना
ITC को अन्य FMCG स्टॉक्स से तुलना करें:
ITC का लो P/E इसे वैल्यू प्ले बनाता है, लेकिन ग्रोथ रेट अन्यों से कम है।
इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी
| कंपनी | करंट P/E | 1 वर्ष रिटर्न | डिविडेंड यील्ड |
|---|---|---|---|
| ITC | 11.26 | -31.96% | 4.46% |
| HUL | 45.50 | -5.20% | 1.80% |
| Nestle | 60.10 | 10.15% | 1.50% |
| Dabur | 35.20 | -8.45% | 2.10% |
लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए ITC होल्ड करने लायक है, खासकर अगर सिगरेट सेगमेंट स्टेबलाइज होता है। शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी बनी रह सकती है। सपोर्ट लेवल 300 रुपये, रेजिस्टेंस 340-350 रुपये। अगर 350 ब्रेक होता है, तो 380 तक रिकवरी संभव।
कंपनी का फोकस इनोवेशन पर है, जैसे नए प्रोडक्ट्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, जो फ्यूचर ग्रोथ ड्राइव करेगा।
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