ओला इलेक्ट्रिक शेयर रिकॉर्ड हाई से 80% टूटे: 157 से 29 रुपये पर पहुंचा भाव, लगातार गिरावट के पीछे ये बड़े कारण

ओला इलेक्ट्रिक के शेयर आज रिकॉर्ड लो पर पहुंचे, जहां Q3 FY26 में रेवेन्यू 55% YoY गिरकर ₹470 करोड़ रह गया, डिलीवरी 61% घटकर 32,680 यूनिट हुई। कंपनी का नेट लॉस ₹487 करोड़ रहा, जबकि ब्रोकरेज ने ‘सेल’ रेटिंग दी और टारगेट प्राइस 60% कटकर ₹20 कर दिया। बाजार हिस्सेदारी में लगातार गिरावट, सर्विस चुनौतियां और प्रतिस्पर्धा से निवेशक भरोसा टूटा है, जिससे शेयर 157 के पीक से करीब 82% नीचे आ चुका है।

ओला इलेक्ट्रिक शेयरों में भारी गिरावट जारी

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के शेयर आज NSE पर 7% से ज्यादा टूटकर ऑल-टाइम लो ₹28.71 तक पहुंच गए। क्लोजिंग के आसपास भाव ₹29 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो अगस्त 2024 के रिकॉर्ड हाई ₹157.40 से लगभग 81-82% नीचे है। IPO प्राइस ₹76 से भी 62% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।

Q3 FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के नतीजों ने निवेशकों का भरोसा पूरी तरह हिला दिया। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही से 55% घटकर ₹470 करोड़ रह गया, जबकि सितंबर तिमाही से 32% की क्रमिक गिरावट आई। वॉल्यूम में 61% YoY गिरावट के साथ सिर्फ 32,680 इलेक्ट्रिक स्कूटर डिलीवर हुए, जो पिछले साल की 84,029 यूनिट से काफी कम है।

नेट लॉस ₹487 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹564 करोड़ से थोड़ा कम है, लेकिन क्रमिक आधार पर 16.5% बढ़ा। EBITDA लॉस ₹271 करोड़ पर पहुंचा। कंपनी ने ग्रॉस मार्जिन को रिकॉर्ड 34.3% तक पहुंचाया, जो YoY 15.7% पॉइंट्स का सुधार है। यह वर्टिकल इंटीग्रेशन, Gen3 प्लेटफॉर्म और लागत नियंत्रण से आया, लेकिन रेवेन्यू क्रैश ने इसे ओवरशैडो कर दिया।

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गिरावट के प्रमुख कारण

बाजार हिस्सेदारी में तेज गिरावट ओला इलेक्ट्रिक की EV दोपहिया बाजार में हिस्सेदारी Q1 FY26 के 19.6% से लगातार घटी। Q3 में वॉल्यूम में 61% की गिरावट से प्रतिस्पर्धी कंपनियां जैसे TVS Motor, Bajaj Auto, Ather Energy और Hero Vida आगे निकल गईं। जनवरी 2026 में रिटेल सेल्स 10,000 यूनिट से नीचे रही, जहां कंपनी पांचवें स्थान पर खिसक गई।

सर्विस और ब्रांड ट्रस्ट की समस्या CEO भाविश अग्रवाल ने स्वीकार किया कि सर्विस चुनौतियां ब्रांड ट्रस्ट को प्रभावित कर रही हैं। ग्राहक शिकायतें बढ़ीं, जिससे पिछले कुछ तिमाहियों में सेल्स प्रभावित हुई। उत्पाद की गुणवत्ता से ज्यादा सर्विस नेटवर्क की कमी मुख्य वजह बनी।

प्रतिस्पर्धा और मार्केट डायनामिक्स EV दोपहिया सेगमेंट में तीव्र प्रतिस्पर्धा है। सब्सिडी में कटौती, धीमी EV एडॉप्शन और कमजोर डिमांड ने ओला को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। कंपनी ने FY26 सेल्स गाइडेंस पहले ही काटी, अब फोकस प्रॉफिटेबिलिटी और सर्विस स्टेबलाइजेशन पर है।

ब्रोकरेज की नेगेटिव रिपोर्ट्स Emkay Global ने रेटिंग ‘बाय’ से ‘सेल’ कर दी और टारगेट प्राइस 60% कटकर ₹20 कर दिया। ब्रोकरेज ने मार्केट शेयर एरोजन, बढ़ते कर्ज और सर्वाइवल रिस्क पर चिंता जताई। अन्य एनालिस्ट्स ने 35% तक डाउनसाइड देखा।

कंपनी की वर्तमान स्थिति और आगे का रास्ता

कंपनी कैपेक्स साइकिल पूरी कर चुकी है और अब लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस कर रही है। ग्रॉस मार्जिन 35-40% रेंज में लाने का टारगेट FY27 के लिए है। EBITDA ब्रेकईवन पॉइंट 15,000 यूनिट/महीना तक नीचे आ गया। भाविश अग्रवाल ने कहा कि सर्विस चुनौतियां दूर करने पर काम चल रहा है, और कॉम्पिटिटिव पोजिशन कमजोर होने के बावजूद चिंता की बात नहीं।

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हालांकि, बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ा है। कर्ज बढ़ रहा है, कैश फ्लो नेगेटिव बना हुआ है। प्रमोटर होल्डिंग में कमी आई है। कंपनी अब होम लिथियम-आयन बैटरी जैसे नए वर्टिकल्स पर शिफ्ट कर रही है।

शेयरधारकों के लिए सलाह

यह गिरावट ओला इलेक्ट्रिक के लिए टर्नअराउंड का टेस्ट है। अगर सर्विस और सेल्स रिकवर हुई तो रिकवरी संभव, लेकिन फिलहाल रिस्क हाई है। निवेशक कंपनी के अगले क्वार्टरली अपडेट्स, EV पॉलिसी बदलाव और कॉम्पिटिशन डायनामिक्स पर नजर रखें।

Disclaimer: यह लेख समाचार और विश्लेषण पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।

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