Pan Card पर लिखे गए नंबर आपके बारे में बताते हैं कई जरूरी जानकारी, 100 में से 99 लोगों को नहीं है पता.

पैन कार्ड का 10-अंकीय अल्फान्यूमेरिक कोड धारक की श्रेणी, उपनाम और आयकर क्षेत्र जैसी जानकारी प्रकट करता है; चौथा अक्षर धारक के प्रकार को दर्शाता है, जबकि हालिया अपडेट में आधार से लिंक न होने पर 1 जनवरी 2026 से पैन निष्क्रिय हो जाता है, जिससे वित्तीय लेनदेन प्रभावित होते हैं।

पैन कार्ड का 10-अंकीय कोड आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है, जो धारक की पहचान से जुड़ी विशिष्ट डिटेल्स छिपाता है। पहले तीन अक्षर (AAA से ZZZ तक) आयकर क्षेत्र की सीरीज दर्शाते हैं। चौथा अक्षर धारक की श्रेणी बताता है, जैसे P व्यक्तिगत के लिए, C कंपनी के लिए।

चौथा अक्षरश्रेणी का अर्थ
Aएसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (Association of Persons)
Bबॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (Body of Individuals)
Cकंपनी (Company)
Fफर्म (Firm)
Gगवर्नमेंट (Government)
Hहिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (Hindu Undivided Family)
Jआर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन (Artificial Juridical Person)
Lलोकल अथॉरिटी (Local Authority)
Pव्यक्ति (Person/Individual)
Tट्रस्ट (Trust)

पांचवां अक्षर व्यक्ति के मामले में उपनाम का पहला अक्षर होता है, जैसे अगर उपनाम ‘शर्मा’ है तो S। अगले चार अंक (0001 से 9999) सीक्वेंशियल नंबर हैं, जो क्षेत्रीय आयकर कार्यालय द्वारा आवंटित किए जाते हैं। अंतिम अक्षर चेक डिजिट है, जो कोड की वैलिडिटी सुनिश्चित करता है।

यह संरचना धोखाधड़ी रोकने में मदद करती है, क्योंकि प्रत्येक हिस्सा विशिष्ट जानकारी से जुड़ा होता है। उदाहरण के लिए, AFJPS1234K में A एसोसिएशन, F फर्म नहीं बल्कि व्यक्ति का संकेत, J उपनाम का पहला अक्षर, 1234 सीक्वेंस, K चेक डिजिट।

हालिया अपडेट में, 31 दिसंबर 2025 तक आधार से लिंक न करने पर 1 जनवरी 2026 से पैन निष्क्रिय हो जाता है, जिससे बैंक ट्रांजेक्शन, इन्वेस्टमेंट और टैक्स फाइलिंग रुक सकती है। आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2025 तक 60 करोड़ से अधिक पैन जारी हो चुके हैं, लेकिन 10% अभी भी अनलिंक्ड हैं, जिससे जुर्माना 1,000 रुपये तक लग सकता है।

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निष्क्रिय पैन को रीएक्टिवेट करने के लिए आयकर पोर्टल पर लेट फी के साथ आधार लिंक करें। यह बदलाव डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव का हिस्सा है, जो पारदर्शिता बढ़ाता है। अगर पैन में गलती है, तो NSDL या UTIITSL पोर्टल पर करेक्शन फॉर्म भरें, जिसमें आधार OTP वेरिफिकेशन जरूरी है।

मुख्य पॉइंट्स:

पैन कोड से धारक की श्रेणी और उपनाम का पता चलता है, जो पहचान सत्यापन में उपयोगी।

चौथे अक्षर से पता चलता है कि धारक व्यक्ति है या एंटिटी।

आधार लिंकेज अनिवार्य, अन्यथा TDS दोगुना कटेगा।

फर्जी पैन पर 10,000 रुपये जुर्माना, जो 2025 के आयकर संशोधनों में सख्त हुआ।

Disclaimer: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। आधिकारिक सलाह के लिए आयकर विभाग से संपर्क करें।

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