स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 200 लाख टन (20 मिलियन टन) की बिक्री का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो पिछले वित्त वर्ष की 179 लाख टन बिक्री से लगभग 12% या 21 लाख टन अधिक है। कंपनी अप्रैल-जनवरी 2025-26 में अब तक के सर्वाधिक 16.6 मिलियन टन की बिक्री कर चुकी है, जिसमें जनवरी में 1.84 मिलियन टन का रिकॉर्ड दर्ज हुआ। मजबूत घरेलू मांग, रिटेल पहुंच बढ़ाने, इन्वेंटरी कम करने और ऑपरेशनल सुधारों से यह लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेज प्रगति हो रही है।
SAIL ने रखा 200 लाख टन बिक्री का लक्ष्य
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक 200 लाख टन स्टील बिक्री का संकल्प लिया है। यह लक्ष्य पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की कुल बिक्री 179 लाख टन से सीधे 21 लाख टन अधिक है, जो कंपनी के लिए करीब 12% की वृद्धि दर्शाता है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बढ़ती घरेलू मांग, मजबूत मार्केट पेनेट्रेशन और सस्टेनेबिलिटी पर फोकस के साथ यह लक्ष्य प्राप्त करने की मजबूत संभावना है।
अप्रैल से जनवरी 2025-26 तक की अवधि में SAIL ने कुल 16.6 मिलियन टन स्टील की बिक्री की, जो पिछले साल की समान अवधि के 14.3 मिलियन टन से 16% अधिक है। यह कंपनी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ अप्रैल-जनवरी प्रदर्शन है। जनवरी 2026 में अकेले 1.84 मिलियन टन बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले साल जनवरी के 1.68 मिलियन टन से 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी है।
दिसंबर 2025 में कंपनी ने 2.1 मिलियन टन की बिक्री हासिल की, जो दिसंबर महीने का अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है और पिछले दिसंबर से 37% की भारी वृद्धि दर्शाता है। अप्रैल-दिसंबर 2025 में कुल बिक्री 14.7 मिलियन टन रही, जो 17% की ग्रोथ दिखाती है। इन रिकॉर्ड प्रदर्शनों से इन्वेंटरी में 0.25 मिलियन टन की कमी आई है और उधार में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है।
मजबूत वित्तीय सुधार और ऑपरेशनल दक्षता
SAIL ने हालिया महीनों में ऑपरेशनल दक्षता में सुधार किया है। अप्रैल-दिसंबर 2025 में बिक्री वॉल्यूम 16.3% बढ़ा, जिससे रेवेन्यू में 9-10% की वृद्धि हुई। 9 महीने (अप्रैल-दिसंबर) में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल से 60% बढ़कर मजबूत स्तर पर पहुंचा। Q3 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में नेट प्रॉफिट 260% से अधिक की छलांग लगाकर 374 करोड़ रुपये रहा, जबकि रेवेन्यू 12% बढ़कर 27,371 करोड़ रुपये हुआ।
कंपनी ने कर्ज में भी कमी की है। पिछले कुछ समय में 7000 करोड़ रुपये का कर्ज कम किया गया, जिससे बैलेंस शीट मजबूत हुई है। कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) पर फोकस जारी है, जिसमें FY26 के लिए 7500 करोड़ रुपये का प्लान है। कंपनी कुल क्षमता को 2030 तक 35 मिलियन टन तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है, जिसमें 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है।
बाजार मांग और रणनीतिक कदम
भारत में स्टील की मांग 2025 और 2026 में औसतन 9% सालाना बढ़ने का अनुमान है, जो SAIL जैसे उत्पादकों के लिए बड़ा अवसर है। कंपनी ने रिटेल और अन्य उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ाई है, ब्रांडिंग अभियान तेज किए हैं और कस्टमर डिलीवरी पर विशेष ध्यान दिया है। निर्यात में भी उछाल आया है, जो वैश्विक फुटप्रिंट मजबूत कर रहा है।
SAIL ने विभिन्न उत्पाद श्रेणियों में रिकॉर्ड बनाए हैं और इन्वेंटरी मैनेजमेंट से कैश फ्लो बेहतर हुआ है। कंपनी ग्रीन स्टील और सस्टेनेबिलिटी पर जोर दे रही है, जिसमें हाइड्रोजन-बेस्ड प्रोडक्शन जैसी तकनीकों को अपनाने की तैयारी है।
प्रमुख आंकड़े एक नजर में
FY 2025-26 लक्ष्य: 200 लाख टन बिक्री
FY 2024-25 बिक्री: 179 लाख टन
बढ़ोतरी: 21 लाख टन (12%)
अप्रैल-जनवरी 2025-26 बिक्री: 16.6 मिलियन टन (16% YoY ग्रोथ)
जनवरी 2026: 1.84 मिलियन टन (10%+ YoY)
दिसंबर 2025: 2.1 मिलियन टन (37% YoY, सर्वश्रेष्ठ दिसंबर)
अप्रैल-दिसंबर 2025: 14.7 मिलियन टन (17% YoY)
9M FY26 PAT ग्रोथ: 60% YoY
Q3 FY26 नेट प्रॉफिट: 260%+ YoY
SAIL का यह लक्ष्य कंपनी की मजबूत घरेलू स्थिति, ऑपरेशनल सुधार और भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ से जुड़ा है।
Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट है। आंकड़े कंपनी के आधिकारिक बयानों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। निवेश संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।